बातें अभी बाकी थी ।

बातें अभी बाकी थी । कुछ अनकही अनसुनी बातें अभी बाकी थी कुछ प्यार की कुछ तकरार की बातें अभी बाकी थी । थोड़ी नज़दीकियों की थोड़ी दूरियों की बातें अभी बाकी थी । … Read More

एक जहान ऐसा भी ।

छोटे-छोटे थे सपने, छोटी-छोटी आँखों में जब रखा था कदम उसने अनजाने शहर में । नहीं जानती थी किसी को , बस जानती थी अपने विश्वास को और था ख़्वाब उसका, खुद की पहचान ढूंढने … Read More