बातें अभी बाकी थी ।

बातें अभी बाकी थी ।
कुछ अनकही अनसुनी
बातें अभी बाकी थी
कुछ प्यार की
कुछ तकरार की
बातें अभी बाकी थी ।
थोड़ी नज़दीकियों की
थोड़ी दूरियों की
बातें अभी बाकी थी ।
एक कदम पर तुम थे
एक कदम पर हम थे
दोनों की वो कहानी
अभी बाकी थी ।
थोड़ी बेबसी मिली
तो थोड़ी तन्हाई थी
फिर भी वहीं ज़िंदगी की
बातें अभी बाकी थी ।
थोड़ी लगाव की
तो थोड़ी अलगाव की
थोड़ी करीबीयों की
तो थोड़ी अपनेपन की
वो बातें अभी बाकी थी ।
खामोशियों में खो जाने की
एक दूजे का हो जाने की
पल में हर दर्द भूल जाने की
फिर नई ज़िंदगी जी जाने की
बातें अभी बाकी थी ।
फिर क्यों रुख मोड़ लिया तुमने
जब प्यार किया हमसे
क्यों नहीं दिखी व़फा हमारी
जब कहने को बातें अभी बाकी थी ।

2 thoughts on “बातें अभी बाकी थी ।”

    1. Hi there,
      This is a love poem where the girl is telling her guy that our conversations are yet left those fights of our that love we had, those distances that came between us. Our loneliness, too did not separate us, but don’t know what happened that now you don’t even see my love or my honesty just tell me why.

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